nonveg story - लौड़ा साला गरम गच्क्का - lund ak dum garam

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Re: nonveg story - लौड़ा साला गरम गच्क्का - lund ak dum gara

Unread post by admin » 09 Jan 2016 06:02

' शिशु का निर्माण से होता हे ..जिसे वंश -अंश भी कहते हे .."

शास्त्री जी की बात पूरी ही नहीं हुई की तनु बोल पड़ी-

" मुझे इतनी शुद्ध हिंदी समझ में नहीं आती ' ...

तनु जान बूझकर शास्त्री जी अश्लील भाषा का प्रयोग करने के लिए उकसा रही थी !

पुरुष कोई भी हो किसी स्त्री के कामुक संकेतों को अनदेखा नहीं कर सकता !

एक पल के लिए शास्त्री जी ने तनु की कजरारी आँखों में झाँका और फिर थोडा

तनु के पास आ कर बोले -

" आपके पति आपकी बूर को ठीक से चोदते हे या नहीं ....?"

" इस्सस ....प्लीज ऐसा मत बोलिए ..."

तनु ने अपनी पलकें बंद करली उसका एक एक पोर झनझना कर रह गया !

उसकी इस अदा पर शास्त्री की आँखों में वासना के साये लहराने लगे !

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Re: nonveg story - लौड़ा साला गरम गच्क्का - lund ak dum gara

Unread post by admin » 09 Jan 2016 06:02

तभी तनु को अपनी हथेली के मध्य किसी गर्म वास्तु का अहसास हुआ !

उसने पलकों को खोल कर देखा और बस -

"उई मम्मी ...ये क्या हे ?..."

उसकी हथेलियों के मध्य शास्त्री का नो इंच का काला और विकराल मोटा मुसल जेसा लंड था जिसे उसने अपनी

लंगोट के बाहर निकाल कर तनु के हाथ में थमा दिया था !

" स्त्री की योनि को छेदने वाला ओजार .....और देहात में इसे कहते हे लोंडिया की बूर को फाड़ कर

उसकी चूत का भोसड़ा बनाकर ....उस भोसड़ी में बीज उगलने वाली मशीन ...यानि लौड़ा ....!"

शास्त्री कितना कामी पुरुष था ये उसकी भाषा से स्पष्ट था !

इस तरह की भाषा शेली कभी तनु ने नहीं सुनी थी इसलिए उत्तेजने और डर की वजह से उसके दिल

की धडकने काफी तेज हो गई थी !

" बच्चा पैदा करना चाहती हे ?...'

शास्त्री की भाषा अब सत्कार वाली नहीं दुत्कार वाली थी !

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Re: nonveg story - लौड़ा साला गरम गच्क्का - lund ak dum gara

Unread post by admin » 09 Jan 2016 06:03

जिसे सुनकर तनु की योनि धुकधुकाने लगी थी मानो बच्चा पैदा करने के नाम पर उसकी भी फट रही हो !

पर उत्तेजना की वजह से उसने वो शास्त्री का काला मोटा लंड कस कर भींच लिया था !

लजाते हुए उसने अपने सर को हाँ में हिलाया !

" चल नंगी हो भेन की लौड़ी ...!"

शास्त्री चारपाई से उतरा अपनी बनियान और धोती उतारी और लंगोट को खोल कर झोंपड़े के एक कोने में फेंक दिया

और पूरा नंगा हो गया ! उसे उसके पति का कोई डर नहीं था वो समझ गया की ये बड़े लोगों के चोंचले हे जो

ये अनजान लोगों से चुदवाने जाते हे ! और वो आज इसे खुल कर जंगली तरीके से चोदना चाहता था !

सभ्य तरीके से तो पति से चुदती थी पर संतुष्ट नहीं होती थी ! लगता हे इसे ऐसा ही मजा चाहिए की कोई

उसे रोंद डाले !

शास्त्री की दुत्कार से डर कर तनु की चूत पनियाने लगी थी !

वो भी सकुचाते हुए अपनी जींस और टॉप उतार कर गुलाबी ब्रा और गुलाबी कच्छी में अर्ध नंगी हो गई !

दोनों अधो वस्त्र छोटे थे इसलिए अपने हाथों और टांगों को चिपका कर अपनी नग्नता ढकने का असफल प्रयास

कर रही थी !